केंद्र एवं राज्य सरकार की तरफ से महिलाओ एवं बेटियों के सुरक्षित भविष्य एवं शसक्तीकरण के लिए काफी जोर दिया जा रह है। और इसके लिए कई स्कीम लागु की गई है। इनमे सबसे पॉपुलर स्कीम सुकन्या समृद्धि स्कीम है। जिसमे 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर लागू है। ये 10 वर्ष या इससे कम आयु की लड़कियो के लिए ख़ास तौर पर चलाई गई है। इसके कुछ नियम भी है। जिनके तहत ही इस सरकारी स्कीम का फायदा लिया जा सकता है। इस स्कीम में बेटी के नाम कुछ राशि प्रतिमाह के निवेश पर लाखो रु तक का फण्ड जमा किया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के नियम
हम सुकन्या समृद्धि योजना के कुछ महत्वपूर्ण नियमो की जानकारी यहाँ पर दे रहे है। सुकन्या समृद्धि स्कीम देश की सबसे पॉपुलर स्कीम में से एक है। जिसमे लाखो बेटियों के नाम से अकॉउंट खुले हुए है। ये केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्कीम है। इसमें एक परिवार में केवल 2 या फिर जुड़वाँ मामले में अधिकतम 3 बेटियों को ही लाभ मिल सकता है। बेटी की उम्र 10 या इससे कम होनी चाहिए, यदि परिवार आयकर भरता है तो फिर इसका लाभ मिलना मुश्किल है। इस स्कीम में 8.2 फीसदी की ब्याज दर वर्तमान में लागु है। ये कुछ महत्पूर्ण शर्ते है जो पूर्ण करनी जरुरी है।
कैसे जमा होगा लाखो का फण्ड
सुकन्या समृद्धि योजना में न्यूनतम सालाना 250 रु एवं अधिकतम 150000 रु तक जमा किया जा सकता है। इसमें टेक्स में छूट मिलती है। यदि करोड़ रु का फण्ड जमा करना है तो इसके लिए अधिकतम 150000 रु की राशि साल में जमा करनी होगी यानि की महीने के 12500 रु जमा करने होंगे। ये राशि पुरे 15 साल तक लगातार जमा करनी होगी। जिससे आपका 15 साल का कुल निवेश 22,50,000 रु का होगा। इसमें ब्याज दर 8.2 प्रतिशत लागु है। और इसके हिसाब से 21 साल के बाद जब मेचोरिटी पूर्ण होगी तो 46,77,578 रु का ब्याज मिलेगा यानि की कुल जमा एवं ब्याज को मिलाकर 69,27,578 राशि प्राप्त की जा सकती है।
मेचोरिटी अवधि
सुकन्या समृद्धि स्कीम के तहत निवेश बेटी की आयु 10 या इससे कम होने पर किया जा सकता है। इसमें हर माह या सालाना आधार पर निवेश की सुविधा होती है। इस स्कीम की मेचोरिटी अवधि बेटी की आयु 21 वर्ष होने तक होती है। जब बेटी की उम्र 21 वर्ष हो जाती है तो इसमें जमा राशि एवं ब्याज की राशि बेटी के खाते में जमा कर दी जाती है।