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1 अप्रैल से UPI में नए नियम होंगे लागु, जानें आपकी डिजिटल जेब पर क्या होगा असर?

By Anita Yadav

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New rules will be implemented in UPI from April 1, know what will be the impact on your digital pocket?

भारत में डिजिटल भुगतान का चेहरा बन चुकी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्रणाली में जल्द ही बड़े बदलाव होने वाले हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने नए नियमों की घोषणा की है जो 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। इनका मकसद है मोबाइल नंबर से जुड़ी गड़बड़ियों को खत्म करना धोखाधड़ी पर लगाम लगाना और UPI को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाना।

ये बदलाव हर उस शख्स को प्रभावित करेंगे जो UPI का इस्तेमाल करता है खासकर वे लोग जो अपने मोबाइल नंबर या UPI ID को अपडेट करने में लापरवाही बरतते हैं। अगर आप भी रोजाना UPI से पेमेंट करते हैं तो इन नियमों को समझना और उसके लिए तैयार रहना आपके लिए जरूरी है। आइए जानते हैं कि ये बदलाव क्या हैं और इनका आप पर क्या असर पड़ेगा।

क्या क्या होने वाला है?

विषय विवरण
कब से लागू 1 अप्रैल 2025
मुख्य बदलाव मोबाइल नंबर का नियमित अपडेट, सहमति अनिवार्य, निष्क्रिय ID हटाना
उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, धोखाधड़ी रोकना, उपयोगकर्ता अनुभव बेहतर करना
यूजर पर असर डेटा अपडेट न करने पर सेवाएं बाधित हो सकती हैं
सुझाव नंबर चालू रखें, UPI का नियमित उपयोग करें

सुरक्षा को नई मजबूती देने की तैयारी

NPCI ने फैसला किया है कि अब सभी बैंक और UPI ऐप्स को अपने मोबाइल नंबर रिकॉर्ड्स को हर हफ्ते अपडेट करना होगा। यह कदम पुराने या दोबारा इस्तेमाल में लाए गए नंबरों से होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए उठाया गया है। इसके लिए मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का सहारा लिया जाएगा। इसका मतलब है कि अगर आपका नंबर लंबे समय से बंद है या किसी और को दे दिया गया है तो आपकी UPI ID भी निष्क्रिय हो सकती है।

पहले UPI ID बनाने या अपडेट करने की प्रक्रिया अपने आप हो जाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियमों के तहत आपको साफ तौर पर अपनी सहमति देनी होगी। यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है ताकि यूजर्स को अपने डेटा पर ज्यादा नियंत्रण मिले और गलतियां कम हों। अगर आप इस कदम को नजरअंदाज करते हैं  तो आपकी UPI सेवा शुरू होने में देरी हो सकती है।

किन लोगों की UPI बंद की जायेगी

अगर आपका मोबाइल नंबर महीनों से इस्तेमाल नहीं हुआ या किसी और के पास चला गया है तो बैंक उसे अपने रिकॉर्ड से हटा देगा। इससे जुड़ी UPI ID भी अपने आप बंद हो जाएगी। NPCI ने साफ कहा है कि पिछले 12 महीनों से इस्तेमाल न हुई UPI IDs को निष्क्रिय करने का फैसला लिया गया है। इसका असर उन लोगों पर ज्यादा होगा जो अपने डेटा को अपडेट करने में ढील बरतते हैं।

क्यों किया जा रहा है ऐसा

धोखाधड़ी रोकने के लिए बैंकों और UPI ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी निष्क्रिय या दोबारा इस्तेमाल में लाया गया नंबर किसी गलत खाते से न जुड़ा हो। इसके लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण जैसे सुरक्षा कदमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। यह कवायद डिजिटल पेमेंट्स को पहले से कहीं ज्यादा भरोसेमंद बनाएगी।

ऐसे में आपको क्या करना चाहिए

अपने बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को हमेशा चालू रखें। अगर आपने नया नंबर लिया है, तो उसे फौरन अपडेट कर दें। साथ ही, अपनी UPI ID का थोड़ा-बहुत इस्तेमाल करते रहें ताकि वह निष्क्रिय न हो। बैंक या ऐप से आने वाली सूचनाओं पर भी नजर रखें ताकि सही वक्त पर सही कदम उठा सकें।

इन नियमों से पेमेंट्स में गलतियों की गुंजाइश कम होगी और आपकी डिजिटल जेब पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी। लेकिन अगर आप अपने रिकॉर्ड्स को अपडेट नहीं रखते, तो UPI सेवाएं रुकने का खतरा भी बना रहेगा। NPCI का यह कदम डिजिटल भुगतान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बशर्ते यूजर्स भी इसमें अपना साथ दें।

Anita Yadav

मेरा नाम अनीता यादव है और मैं हरियाणा की रहने वाली हूँ। मुझे न्यूज़ और मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्षों का अनुभव है और मैंने कृषि के साथ साथ में बिज़नेस से जुड़े विषयों को बहुतायात और अच्छे ढंग से कवर किया है। बिज़नेस में काफी रूचि होने के साथ साथ में मैं अपने पाठकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी समय समय पर आर्टिकल के माध्यम से देती रहती हूँ। आप किसी भी आर्टिकल को लेकर समस्या के कहते या फिर अपने सुझाव दर्ज करवाने के लिए हमे ईमेल कर सकते है। हमारी ईमेल आईडी nflspice@gmail.com है।

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