Gold-Silver Price Today: पिछले कुछ दिनों से बाजार में मचे हाहाकार और सोने-चांदी की कीमतों में आई सुनामी जैसी गिरावट के बाद अब बुलियन मार्केट संभलता नजर आ रहा है। सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर एक अलग ही मंजर देखने को मिला। जो निवेशक कीमतों के जमीन पर आने का इंतजार कर रहे थे उन्हें आज सुबह तगड़ा झटका लगा जब स्क्रीन पर भाव अचानक हरे निशान के साथ कुलांचे भरने लगे।
चांदी की ‘हाथी जैसी’ छलांग: एक झटके में ₹15,000 की तेजी
बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद तो थी कि कीमतों में सुधार होगा लेकिन सोमवार की सुबह चांदी ने जिस रफ्तार से ओपनिंग की उसने सबको चौंका दिया। 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी जो पिछले सत्र में सुस्त पड़ी थी वो आज खुलते ही करीब 14,993 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई। पिछले बंद भाव ₹2,49,892 के मुकाबले यह सीधे ₹2,64,885 के स्तर पर जा पहुंची।
हालांकि इस तेजी के पीछे का बड़ा ‘कन्टेक्स्ट’ यह है कि चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई से कोसों दूर है। महज कुछ दिन पहले 29 जनवरी को चांदी ₹4.20 लाख के ऐतिहासिक शिखर को छू चुकी थी। उस स्तर से तुलना करें तो हालिया उछाल के बावजूद चांदी आज भी करीब ₹1.55 लाख सस्ती मिल रही है।
सोने की चमक भी लौटी: ₹3,000 से ज्यादा की बढ़त
चांदी के साथ कदमताल करते हुए 24 कैरेट सोने (2 अप्रैल एक्सपायरी) ने भी रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही सोना ₹3,049 की छलांग लगाकर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोना भी अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 34,596 रुपये डिस्काउंट पर चल रहा है, जो उन लोगों के लिए राहत की बात है जो शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी का मन बना रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट का दबाव और भारतीय बाजार का मिजाज
कीमतों में यह उथल-पुथल सिर्फ घरेलू कारणों से नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर (Spot Silver) में बीते दिनों 20% से 40% तक की भारी गिरावट देखी गई थी। $120 प्रति औंस से फिसलकर $64 तक आने वाली चांदी अब वैश्विक स्तर पर भी बेस बनाने की कोशिश कर रही है।
एक्सपर्ट व्यू क्या कहता है?: बाजार के जानकारों का मानना है कि यह ‘डेड कैट बाउंस’ (गिरावट के बाद की अस्थायी तेजी) है या स्थायी सुधार, यह कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन फिलहाल, भारी गिरावट के बाद शॉर्ट कवरिंग और निचले स्तरों पर खरीदारी ने कीमतों को सहारा दिया है।
नोट: निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें क्योंकि कमोडिटी मार्केट में जोखिम अधिक होता है।
