EPFO 3.0: भारत के करीब 8 करोड़ नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट फंड की परिभाषा अब बदलने वाली है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सबसे बड़े डिजिटल कायाकल्प EPFO 3.0 की तैयारी कर चुका है। अगले साल यानी अप्रैल 2026 तक, PF खाताधारकों को अपने ही पैसे के लिए हफ्तों इंतजार नहीं करना होगा। अब आप अपने स्मार्टफोन से ठीक वैसे ही PF निकाल सकेंगे, जैसे किसी दुकान पर UPI पेमेंट करते हैं।

EPF अब ‘डिजिटल वॉलेट’ जैसा: क्या है सरकार का मास्टरप्लान?

श्रम और रोजगार मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सरकार EPFO को एक सुस्त सरकारी संस्था से बदलकर एक ‘स्मार्ट बैंक’ की शक्ल देना चाहती है। इसके लिए एक नया समर्पित मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है। इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसका UPI इंटीग्रेशन होगा।

अब तक की व्यवस्था में, क्लेम सेटल होने में 7 से 15 दिन लग जाते थे, लेकिन नए सिस्टम में ‘ऑटो-सेटलमेंट’ मोड लागू होगा। इसके तहत बीमारी, शादी या शिक्षा जैसे जरूरी कार्यों के लिए किया गया क्लेम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप (Manual Intervention) के 3 दिनों के भीतर सीधा आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगा।

UPI निकासी: लिमिट और ‘लॉक-इन’ का गणित

खबर यह नहीं है कि पैसा निकलेगा, खबर यह है कि यह ‘इंस्टेंट’ होगा। हालांकि, रिटायरमेंट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुछ सुरक्षा कवच भी लगाए हैं:

  • ट्रांजैक्शन लिमिट: शुरुआती जानकारी के अनुसार, UPI के जरिए प्रति ट्रांजैक्शन ₹25,000 तक की निकासी की सीमा तय की जा सकती है।
  • सुरक्षित बैलेंस: आपकी कुल जमा राशि का कम से कम 25% हिस्सा हमेशा ‘लॉक’ रहेगा, ताकि बुढ़ापे की लाठी (रिटायरमेंट फंड) सुरक्षित रहे। बाकी हिस्सा आप अपनी जरूरत के अनुसार UPI पिन डालकर निकाल सकेंगे।

100 डमी खातों पर ‘सीक्रेट’ ट्रायल

यह सिस्टम कितना सुरक्षित है? इसका जवाब मंत्रालय के वर्तमान ट्रायल में छिपा है। वर्तमान में 100 डमी खातों पर इस तकनीक का परीक्षण किया जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ट्रांजैक्शन के दौरान न तो सर्वर फेल हो और न ही साइबर ठगी की कोई गुंजाइश रहे। अप्रैल 2026 में इसके पब्लिक लॉन्च के बाद, यह ऐप BHIM और अन्य प्रमुख UPI प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर काम करेगा।

बदलाव की बड़ी बातें:

  1. 5 लाख तक का ऑटो-सेटलमेंट: पहले यह सीमा केवल 1 लाख थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है।
  2. कागज मुक्त भविष्य: फॉर्म 31, 19 या 10C के चक्करों से मुक्ति मिलेगी।
  3. पारदर्शिता: ऐप में रियल-टाइम दिखेगा कि आप कितना पैसा ‘विड्रॉ’ कर सकते हैं और कितना ‘लॉक’ है।

EPFO का यह कदम उन करोड़ों युवाओं के लिए बड़ी राहत है जो अपनी जमा पूंजी को एक्सेस करने के लिए जटिल कागजी प्रक्रियाओं से कतराते थे। अप्रैल 2026 से आपका PF फंड सिर्फ एक ‘पिन’ की दूरी पर होगा।

हेलो दोस्तों मेरा नाम अनीता यादव है और मैं ताज़ा समाचार पर आप सभी के लिए रोजाना...

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